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saahitya dharm
जुलाई 20, 2022
मुक्तक
छुप गये सितारे अभी अभी
चाँद भी छुप गया अभी अभी
करने लगे सवाल कुछ लोग
क्यों बढ़ गया तिमिर अभी अभी ।
अशोक बाबू माहौर
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