फूटा गुस्सा
भीड़ का
जाने किस बात पर
दुकानदार पर
ताबड़तोड़ अपशब्द
जैसे तीखे प्रहार
चुन चुन कर |
अशोक बाबू माहौर
भुलक्कड़ बनारसी
काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच वाराणसी पंजीकृत की 191 वीं गोष्ठी शनिवार को मेरे कार्य…
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