कश्ती डूबती
तेज आँधियाँ चलीं
किनारा नहीं |
बारिश खूब
झमाझम हो रही
डूबी सड़क |
अशोक बाबू माहौर
काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह:-
साहित्यधर्म मंच