हाइकु
तेज फुहार
कड़कती बिजली
डरता मन ।
सुबह हुई
जगमग धरती
मन प्रसन्न ।
अशोक बाबू माहौर
काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच वाराणसी पंजीकृत में देहरादून से पधारे वरिष्ठ साहित्यका…
साहित्यधर्म मंच