हाइकू
पैदल चले
लोग सड़क पर
अजीब बात ।
खामोश हवा
गुनगुनाती नहीं
सन्नाटा खूब ।
अशोक बाबू माहौर
गर्मी का कहर: बढ़ती तपिश और हमारी जिम्मेदारी
साहित्यधर्म मंच