हाइकू - अशोक बाबू माहौर

 हाइकू




फूल गुलाबी

लगे मखमल सा

आँखें शराबी।


घुँघरू बजे

नाच गायन होता

सुनते कान।


बड़ा मकान

आगे छोटी दुकान

बिके सामान।


तालाब नया

पानी उमड़ रहा

देखते लोग।

           

                             - अशोक बाबू माहौर 

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