हाइकू

 


हाइकू 



सड़क पर

बूढ़ी औरत बैठी

परेशान है। 


मदद कैसी

चर्चाएँ होती यहाँ 

मुँह बुझाए। 


खामोश मन 

दुविधा झेल रहा 

तन नासूर। 


औलाद झूठी 

माँ बाप दुखी आज 

कहाँ है चिंता। 


                        - अशोक बाबू माहौर 

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