कवि-उदय किशोर साह की कलम से निकली हुई एक कविता .... मैं एक खुली किताब हूँ मैं एक खुली किताब ह…
Read more »कवि उदय किशोर साह की कलम से निकली हुई कविता.... ---------------------------------------------- …
Read more »कवि-उदय किशोर साह की कलम से निकली हुई एक कविता... आ गले लग जा आँखो की तड़प सपनों का इन्तजार दिल…
Read more »गरीबों का मसीहा रक्षक कहूँ या भक्षक तुमको है इनकी पहचान नहीं जिसे समझते हैं हम अपना निकला अधर्…
Read more »जिम्मेदारी जिम्मेदार, तुम कब जागोगे जनता जगाने आई है जिम्मेदारी से कब तलक भागोगे जिम्मेदारी सम…
Read more »मंजर दोस्तों ये कैसा ? शहर हो गया प्राणवायु यहाँ पे जहर हो गयी। दोस्तों ये कैसी ? डगर हो गयी …
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